एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) 2026 का सारांश

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लागू एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) 2026 का उद्देश्य डिफॉल्टर आवंटियों को राहत प्रदान करते हुए उनकी बकाया देयताओं का सरल, पारदर्शी एवं न्यायसंगत निस्तारण सुनिश्चित करना है। इस नीति के अंतर्गत आवंटियों को ब्याज में राहत, सुगम भुगतान विकल्प तथा एकमुश्त निस्तारण का अवसर प्रदान किया गया है। इस योजना का क्रियान्वयन उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद द्वारा भी किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक पात्र आवंटी इसका लाभ प्राप्त कर सकें।

1. योजना का दायरा

यह योजना ईडब्ल्यूएस, एलआईजी सहित सभी श्रेणियों के आवासीय, मिश्रित उपयोग एवं व्यावसायिक सम्पत्तियों, ग्रुप हाउसिंग, संस्थागत सम्पत्तियों तथा मानचित्र स्वीकृति हेतु देय धनराशि के बकायेदारों को सम्मिलित करते हुए व्यापक रूप से लागू की गई है।

2. आवंटियों के लिए लाभ

  • सभी बकायेदार आवंटियों से केवल साधारण ब्याज लिया जाएगा।
  • किसी भी प्रकार का दंडात्मक ब्याज नहीं लिया जाएगा।
  • डिफॉल्ट अवधि का ब्याज भी साधारण ब्याज के अनुसार ही लिया जाएगा।
  • 3% छूट: यदि मांग-पत्र प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर सम्पूर्ण धनराशि एकमुश्त जमा की जाती है।

3. सम्पत्तियों के प्रकार

  • ई.डब्ल्यू.एस. भवन / भूखण्ड
  • एल.आई.जी. भवन / भूखण्ड
  • अन्य श्रेणी की आवासीय एवं मिश्रित उपयोग की सम्पत्तियाँ
  • व्यावसायिक निर्मित दुकानें एवं दुकानों के भूखण्ड
  • ग्रुप हाऊसिंग
  • संस्थागत सम्पत्तियाँ
  • अन्य समस्त व्यवसायिक सम्पत्तियाँ
  • मानचित्र

4. भुगतान की समयसीमा

₹50 लाख तक की बकाया धनराशि:
1/3 धनराशि 3 दिनों के भीतर और शेष 2/3 धनराशि 3 मासिक किस्तों में (कुल 4 महीने)
₹50 लाख से अधिक बकाया धनराशि:
1/3 धनराशि 30 दिनों के भीतर और शेष 2/3 धनराशि 3 द्विमासिक किस्तों में (कुल 7 महीने)

5. दंड और ब्याज

  • विलंबित किस्तों पर 9% साधारण ब्याज
  • देरी पर अतिरिक्त 2% दंड ब्याज (कुल 11%)

6. प्रचार-प्रसार

  • डिफॉल्टरों को ईमेल, एसएमएस और पत्र के माध्यम से सूचित किया जाएगा
  • शिविर, गोष्ठी और होर्डिंग्स के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे

7. वसूली उपाय

निर्धारित समय के भीतर भुगतान न करने पर बकाया धनराशि की वसूली उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा-40 और उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद अधिनियम, 1965 की धारा-91 के तहत भू-राजस्व के बकाए की तरह की जाएगी।

8. योजना की निगरानी

  • मासिक प्रगति रिपोर्ट आवास बंधु द्वारा तैयार की जाएगी
  • शासन स्तर और प्राधिकरण स्तर पर नियमित समीक्षा के लिए समितियाँ गठित की जाएंगी

9. अनुपालन निर्देश

सभी संबंधित विभाग इस आदेश को अपनी वेबसाइट पर अपलोड करें और व्यापक प्रचार सुनिश्चित करें।

*जो आवंटी अथवा मानचित्र स्वीकृत कराने वाले भू-स्वामी निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी 90 दिनों तक अपेक्षित धनराशि या किस्त जमा नहीं करते हैं, उन्हें डिफॉल्टर माना जाएगा।